☀️ स्वच्छ ऊर्जा, उज्जवल कल — पीएम सूर्य घर योजना के अधिकृत सोलर समाधान
सोलर ज्ञान केंद्र व सहायता

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सोलर पैनल लगवाने, सरकारी सब्सिडी पाने, डिस्कॉम नेट मीटरिंग और बैंक लोन से जुड़े आपके हर सवाल का आसान और प्रामाणिक जवाब।

1 पीएम सूर्य घर योजना एवं राजस्थान सब्सिडी नियम

प्रश्न: राजस्थान में 3 किलोवाट सोलर पर कुल कितनी सब्सिडी मिलती है?

उत्तर: राजस्थान में 3 किलोवाट घरेलू सोलर लगवाने पर केंद्र सरकार से ₹78,000 और राजस्थान राज्य सरकार से ₹17,000 की अतिरिक्त सहायता मिलती है, यानी कुल मिलाकर ₹95,000 की सीधी सब्सिडी आपके बैंक खाते में डीबीटी (DBT) द्वारा जमा होती है।

प्रश्न: क्या 5kW या 10kW सोलर लगवाने पर ₹95,000 से ज्यादा सब्सिडी मिलती है?

उत्तर: नहीं। पीएम सूर्य घर योजना के आधिकारिक नियमों के अनुसार आवासीय श्रेणी में अधिकतम सब्सिडी सीमा (Capped Limit) 3 किलोवाट पर ₹95,000 ही है। यदि आप 5kW, 7kW या 10kW का सिस्टम लगवाते हैं, तब भी आपको कुल ₹95,000 ही सब्सिडी मिलेगी।

प्रश्न: सब्सिडी का पैसा कितने दिनों में और कैसे मिलता है?

उत्तर: सोलर इंस्टॉलेशन और डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर की कमीशनिंग रिपोर्ट राष्ट्रीय पोर्टल (pmsuryaghar.gov.in) पर अपलोड होने के 25 से 30 कार्यदिवसों के भीतर सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है।

प्रश्न: क्या दुकान, स्कूल या फैक्ट्री पर सरकारी सब्सिडी मिलती है?

उत्तर: नहीं। कमर्शियल, औद्योगिक और कृषि कनेक्शनों पर सरकारी सब्सिडी ₹0 (शून्य) है। हालांकि, व्यावसायिक उपभोक्ताओं को आयकर अधिनियम की धारा 32 के तहत 40% त्वरित मूल्यह्रास (Accelerated Depreciation) और कॉर्पोरेट टैक्स में भारी बचत का लाभ मिलता है।

2 सोलर क्षमता, छत क्षेत्र और बिजली उत्पादन

प्रश्न: मेरे घर के लिए कितने किलोवाट का सोलर सिस्टम सही रहेगा?

उत्तर: यह आपके मासिक बिजली बिल पर निर्भर करता है:
• यदि बिल ₹1,000 से ₹1,500 है: 1 kW सोलर (मासिक ~120 यूनिट)
• यदि बिल ₹2,000 से ₹2,500 है: 2 kW सोलर (मासिक ~240 यूनिट)
• यदि बिल ₹3,000 से ₹4,500 है: 3 kW सोलर (मासिक ~360 यूनिट - सबसे लोकप्रिय)
• यदि बिल ₹5,000 से अधिक है और 2-3 एसी चलते हैं: 5 kW सोलर

प्रश्न: 3 किलोवाट सोलर लगाने के लिए कितनी छत की जगह चाहिए?

उत्तर: प्रति 1 किलोवाट लगभग 100 वर्ग फीट छाया-मुक्त (Shadow-Free) छत की आवश्यकता होती है। अतः 3 किलोवाट सिस्टम के लिए लगभग 250 से 300 वर्ग फीट साफ जगह पर्याप्त है। हम एलिवेटेड जीआई स्ट्रक्चर लगाते हैं जिससे छत पर चलने-फिरने की जगह सुरक्षित रहती है।

प्रश्न: क्या बादल होने या बारिश के मौसम में भी सोलर काम करता है?

उत्तर: हां। हमारे उच्च दक्षता वाले Mono PERC / TopCon पैनल्स विसरित सूर्यप्रकाश (Diffused Sunlight) में भी 25% से 35% बिजली उत्पादन जारी रखते हैं। ग्रिड से जुड़े होने के कारण बिजली की कोई कमी कभी महसूस नहीं होती।

प्रश्न: DCR सोलर पैनल क्या होते हैं और यह क्यों अनिवार्य हैं?

उत्तर: DCR (Domestic Content Requirement) का अर्थ है भारत में निर्मित सोलर सेल्स व मॉड्यूल। केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि सब्सिडी केवल उन्हीं संयंत्रों को मिलेगी जिनमें DCR प्रमाणित पैनल्स का उपयोग किया गया हो।

3 नेट मीटरिंग एवं राजस्थान डिस्कॉम प्रक्रिया

प्रश्न: नेट मीटर (Net Meter) क्या होता है और यह कैसे काम करता है?

उत्तर: नेट मीटर एक बाई-डायरेक्शनल (Bi-directional) स्मार्ट मीटर है जो यह रिकॉर्ड करता है कि आपने डिस्कॉम ग्रिड से कितनी बिजली ली (Import) और आपके सोलर सिस्टम ने ग्रिड को कितनी अतिरिक्त बिजली भेजी (Export)। महीने के अंत में सिर्फ दोनों के अंतर (नेट यूनिट) का ही बिल बनता है।

प्रश्न: क्या नेट मीटरिंग के लिए मुझे बिजली ऑफिस के चक्कर काटने होंगे?

उत्तर: बिल्कुल नहीं! PMSuryaGhar अधिकृत वेंडर के रूप में आपके डिस्कॉम (JVVNL, JdVVNL या AVVNL) में फाइलिंग, तकनीकी स्वीकृति (Feasibility) और मीटर टेस्टिंग का संपूर्ण काम स्वयं संभालती है।

प्रश्न: यदि किसी महीने सोलर से खपत से ज्यादा बिजली बन जाए तो क्या होगा?

उत्तर: आपकी अतिरिक्त उत्पादित यूनिटें डिस्कॉम के खाते में 'यूनिट बैंक' के रूप में जमा हो जाती हैं। इन यूनिटों का उपयोग आप सर्दियों में या कम धूप वाले महीनों में स्वतः कर सकते हैं।

4 सोलर बैंक लोन एवं 6% रियायती ब्याज दर

प्रश्न: क्या सोलर लोन के लिए कोई मकान या जमीन गिरवी रखनी पड़ती है?

उत्तर: नहीं। 3 किलोवाट तक के आवासीय सोलर सिस्टम के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक बिना किसी संपत्ति बंधक (Collateral-free) के मात्र आधार, पैन और बिजली बिल के आधार पर लोन स्वीकृत करते हैं।

प्रश्न: 3kW सोलर पर बैंक की मासिक ईएमआई कितनी आएगी?

उत्तर: 7 वर्ष की अवधि के लिए मासिक ईएमआई लगभग ₹2,600 आती है। जैसे ही ₹95,000 की सरकारी सब्सिडी खाते में आती है और आप उसे लोन में जमा करते हैं, तो आपकी ईएमआई घटकर मात्र ₹1,200 से ₹1,500 प्रति माह रह जाती है—जो कि आपके पुराने बिजली बिल से भी कम है!

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महत्वपूर्ण सूचना एवं अस्वीकरण (Disclaimer): PMSuryaGhar एक अधिकृत प्राइवेट सोलर ईपीसी एवं रूफटॉप सॉल्यूशन प्रदाता संस्था है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है। आधिकारिक प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की जानकारी, पात्रता एवं सीधे ऑनलाइन सरकारी आवेदन के लिए भारत सरकार के आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाएँ।